दर्द

“””” न “आँखों” से “छलकते” हैं, न “कागज” पर “उतरते” हैं”..
कुछ “दर्द” ऐसे भी होते हैं जो बस “भीतर” ही “पलते” हैं”…!!!

One Reply to “दर्द”

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